सियासत | बड़ा आर्टिकल
अखिलेश यादव ने चंद्रशेखर आजाद को ही मायावती का विकल्प मान ही लिया
मायावती (Mayawati) के हाथ खींच लेने के बाद भी अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) यूपी विधानसभा चुनाव में चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) के दबाव में नहीं आये, लेकिन अब दोनों के तेवर नरम पड़ चुके हैं - और सपा नेतृत्व ने भीम आर्मी को बीएसपी का विकल्प मान लिया है.
सियासत | बड़ा आर्टिकल
बीजेपी के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से जवाब मिलता है कि मोदी-शाह को हराना मुश्किल क्यों है
द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu Campaign) की जीत सौ फीसदी पक्की है, लेकिन ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और अमित शाह (Amit Shah) की नये मिजाज वाली बीजेपी है कि कैंपेन में कहीं कोई ढिलाई नहीं बरत रही है - जबकि चैलेंज करने की तैयारी से पहले ही विपक्ष ढेर हो चुका है.
सियासत | 5-मिनट में पढ़ें
शिवपाल और आजम के बाद अब क्या राजभर भी देंगे अखिलेश को टेंशन?
सुभासपा (SBSP) नेता ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने लखनऊ में भाजपा (BJP) के दो दिग्गज नेताओं से मुलाकात की. इन दोनों ही नेताओं ने पिछली बार भाजपा में ओपी राजभर की एंट्री में अहम भूमिका निभाई थी. इस मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की टेंशन बढ़ना लाजिमी है.
सियासत | बड़ा आर्टिकल
शिवपाल आखिर अखिलेश यादव से क्या चाहते हैं, और किसके लिए?
शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) सीधे सीधे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को चैलेंज तो नहीं कर रहे हैं, लेकिन खुद को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) का विधायक बना कर दावेदारी जताना शुरू कर दिये हैं - लेकिन लगता है अखिलेश यादव उनमें अमर सिंह का अक्स देखने लगे हैं.
सियासत | बड़ा आर्टिकल
अखिलेश यादव का 'लखनवी' मोर्चा मुलायम जैसा बने बिना कमजोर ही रहेगा
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने दिल्ली की जगह लखनऊ पर फोकस करने का फैसला किया है, ताकि योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को कठघरे में खड़ा कर सकें - लेकिन ज्यादा जरूरी ये है कि वो मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) जैसा बनने की कोशिश करें.
सियासत | 3-मिनट में पढ़ें
मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास का अफसरों से 'हिसाब-किताब' का सपना बुरी तरह टूटा!
मऊ सदर विधानसभा सीट (Mau Sadar Election results 2022) पर वोटों की गिनती जारी है मुकाबला सुभासपा के अब्बास अंसारी और भाजपा के बीच है. यदि इस सीट से भाजपा जीतती है तो इस बात का फैसला खुद ब खुद हो जाएगा कि जनता को बाहुबल, दबंगई, गुंडागर्दी नहीं सुशासन, विकास और रोजगार चाहिए और वही उनकी प्राथमिकता है.
सियासत | 7-मिनट में पढ़ें
Akhilesh Yadav सपा-राज की कानून-व्यवस्था को लेकर बनी छवि से ही जूझते रहे
यूपी चुनाव 2022 (UP Election 2022) के हर चरण में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के गठबंधन से लेकर एमवाई समीकरण तक तमाम सियासी जुगतों पर पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश भारी पड़ा है. अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के साथ लोगों के दिमाग पर पड़ी एक अमिट छाप छोड़ चुके गुंडई और दंबगई के परसेप्शन को तोड़ने की कोशिश की थी. लेकिन, इसी से जूझते रहे.
सियासत | 5-मिनट में पढ़ें
सियासत | बड़ा आर्टिकल



